राजस्थान के अलवर में कथित गौरक्षा के नाम पर हुई मुस्लिम युवक पहलू खान की हत्या के बाद नेताओं ने उनके परिवार की कोई मदद तो नहीं की बल्कि उनके घर को लेक्चर स्पॉट बना दिया. हर कोई नेता आकर सिर्फ यहाँ अपना भाषण देता हैं, मदद के भरोसा देता हैं और चल जाता हैं.

वहीँ पहलू खान के रिश्तेदारों का कहना है कि परिवार को अभी तक कोई आर्थिक मदद नहीं मिली, लेकिन आए दिन नेताओं का उसके घर आना-जाना लगा है. ऐसे में उनकी खातिरदारी के लिए परिवार को जेब से खर्च करने पड़ रहे  है. जो उनके लिए मुसीबत बन गया हैं.

हाल ही में पहलू खान के परिवार से मिलने पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा शुक्रवार को जयसिंहपुर पहुंचे. उनके साथ साथ राज्यसभा सांसद शादीलाल बत्रा, पूर्व मंत्री आफताब अहमद, पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद, पूर्व सीपीएस जलेब खां, पूर्व विधायक अजमत मलाई, महताब अहमद, एजाज काटपुरी, युवा कांग्रेस के पुन्हाना खंड के चेयरमैन मुबारिक मलिक, ब्लॉक समिति उपाध्यक्ष अरशद टांई, फारूख कैराका, अयुब सहरावत, अशरफ सरपंच घासेड़ा, मुबीन तेड समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे.

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हुड्डा ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार को जमकर कोसा. लेकिन मदद करने के बजाय पहलु खान के बेटों के सिर पर हाथ रखते हुए भरोसा देते हुए निकल लिए. इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने जानबूझकर कानून व्यवस्था उपद्रवियों के हाथों में सौंप रखी है. जब पुलिस है तो फिर ऐसे तथाकथित गोरक्षकों की क्या आवश्यकता है.

उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, मृतक पहलु के परिवार में नौकरी व दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की मांग की. हुड्डा ने कहा कि गाय किसी एक धर्म या जाति से नहीं बल्कि समस्त समाज के लिए आदरणीय है और इसे पालने का हक सभी को है. गाय पालने से किसी को सिर्फ इसलिए रोका जाए कि वह मुसलमान है तो यह उचित नहीं है. गाय पालकर पहलु अपने परिवार का गुजारा करना चाहता था, लेकिन उसके साथ धर्म के नाम पर अत्याचार किया गया.

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