Saturday, September 25, 2021

 

 

 

रज़ा एकेडमी का ऐलान – 1 से 7 सितंबर तक मनाया जाएगा ‘तहफ्फुज ए खत्म ए नबुवत’

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मुंबई: रज़ा एकेडमी के संस्थापक अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने बुधवार को अपने कार्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक लेकर 1 से 7 सितंबर 2020 तक ‘तहफ्फुज ए खत्म ए नबुवत’ सप्ताह मनाने का ऐलान किया।

इस मौके पर नूरी साहब ने कहा कि हमारे अकाबरेन और तमाम उलेमा ने मिर्जा गुलाम अहमद कादियानी को उसकी जिंदगी में ही काफिर और मुरतद करार दे दिया था। 7 सितंबर 1947 को उलेमा ए किराम ने हुकूमत ही सतह पर उसे गैर मुस्लिम घोषित कराया था।

उन्होने बताया कि इस कानून को लागू कराने में हमारे बुजुर्गों ने बड़ी कुर्बानियाँ दी है। तब जाकर 47 साल पहले ये कानून बनकर लागू हुआ था। इसलिए रज़ा एकेडमी ने 1 से 7 सितंबर तक हफ्ता खत्म ए नबुवत मनाने का ऐलान किया है। जिसका आगाज आज एक सितंबर से हुआ।

नूरी साहब ने कहा कि अपने मस्जिदों, मदरसों, अंजुमनों और घरों में एक सप्ताह तक लगातार खत्म ए नबुवत की महफिल आयोजित करे। साथ ही लोगों को बताए कि कादियानियों को मुसलमान मानने वाले भी उनकी तरह ही काफिर है। जो खत्म ए नुबुवत में शक करे वह भी उन काफिरों में से ही एक है।

वहीं मौलाना अमानउल्लाह रज़ा साहब ने तहफ्फुज ए खत्म ए नुबुवत और रिसालत पर खिताब करते हुए कहा कि हमारे नबी मोजिज़ा है। उनका एक मोजिज़ा खात्मउल नबीयीन भी होना है। जिसका जिक्र अल्लाह ने ने अपनी किताब कुरान में बड़े ही स्पष्ट रूप में किया है।

मौलना खलीलऊररहमान नूरी साहब ने कहा कि जमाना ए रिसालत से ही कजाब और झूठे नबुवत के दावेदार पैदा होते रहे और पैदा होते रहेंगे। हर दौर में उनकी सरकोबी होती है और होती रहेगी। रज़ा एकेडमी ने आलम ए इस्लाम से खत्म ए नबुवत मनाने का ऐलान किया है। इंशाअल्लाह दुनिया भर में इस प्रोग्राम को मनाया जाएगा।

उन्होने बताया कि 14वी सदी के मुजदीद ए आज़म सय्यदना आला हजरत फाजिल ए बरेली और हज़रत सय्यद पीर जमाअत अली शाह मुहद्दिस अली पूरी और दीगर उलेमा ए अहले सुन्नत ने मुरतद मिर्ज़ा गुलाम अहमद कादियानी कि दर में रिसाले तहरीर फरमाए। आला हज़रत ने फरमाया –

बाबा खात्म नबुवत पे रोशन दरूद 

खत्म ए दौर रिसालत पे लाखों सलाम

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