राजधानी इंफाल में उर्दू, अरबी, सीएबीए, एमडीटीपी केन्द्रों के प्रमुखों को संबोधित करते हुए राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि उर्दू भारतीय इतिहास और संस्कृति का एक अभिन्न अंग है और ये अब आम जनता की भाषा बन गई है.

उन्होंने कहा कि यह विभिन्न भाषाओं का मिश्रण है और समय बीतने के दौरान इसमें भी विभिन्न भाषाओं के शब्द शामिल किए गए हैं. उन्होंने कहा,उर्दू शब्द भी अन्य भाषाओं द्वारा उपयोग किए गए हैं. उन्होंने कहा, भाषा और धर्म भिन्न चीजें हैं क्योंकि विभिन्न धर्मों के लोग उस क्षेत्र की भाषा बोलते हैं जहां वे रहते हैं.

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हेपतुल्ला ने आगे कहा कि वह उस वक्त थोड़ा आशंकित थी जब उन्हें सूचित किया गया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त निकाय उर्दू भाषा के संवर्धन के लिए राष्ट्रीय परिषद द्वारा आयोजित इस तरह का एक संवाद इम्फाल में आयोजित कर रही है. जहां मुसलमान मणिपुरी बोलते हैं.

गवर्नर हेपतुला ने कहा कि वह इतनी बड़ी सभा को देखकर खुश हुई. उन्होंने कहा कि उर्दू का लंबा इतिहास रहा है और व्यापक रूप से बोली जाती है. उन्होंने कहा, भारतीय सिनेमा ने भाषा के विकास में भी योगदान दिया है.

डॉ हेपतुल्ला ने उपमहाद्वीप हिंदुस्तान और पाकिस्तान में उर्दू भाषा की विकास, सौंदर्य और प्रशंसा के बारे में बात की. उन्होंने उर्दू भाषा के विकास में भारतीय सिनेमा की भूमिका की भी सराहना की.

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