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किसी भूखे को खाना खिलाना दुनिया के हर धर्म में सबसे बड़ा पुण्य का कार्य करार दिया गया है. वहीँ मजहब-ए-इंसानियत इस्लाम में इस काम से बढ़कर कोई काम नहीं है.

ऐसे में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने सप्ताह में एक दिन गरीब व नादार लोगों के लिए मुफ्त में खाना खिलाने की योजना शुरू की है. AMU छात्र शिविर लगा कर भूखे और गरीब लोगों की पेट की भूख को शांत कर रहे है. “फ्री फ़ूड फॉर हंगरी” नाम से शुरू किया गया ये अभियान पिछले तीन हफ्तें से जारी है.

इस अभियान के तहत केम्पस में गरीब व नादार लोगों के लिए निशुल्क भोजन का कैंप लगाया जाता है. अब छात्र इस कोशिश में जुटे है कि इस अभियान को एक राष्ट्रव्यापी रूप से लागू किया जाए ताकि गरीबों को दो वक्त का खाना नसीब हो सके.

ध्यान रहे दक्षिण भारत के कई जिलों में गरीबों को खाना खिलाने ये अभियान कई संगठनों और लोगों ने चला रखी है, जो रोजाना या सप्ताह में खाना खिलाने का काम करते हैं.

हालांकि इस नेक काम की जरुरत अब उत्तर भारत में है. जहाँ धर्म के नाम पर लोग मरने-मारने के लिए रहते है. लेकिन उसी धर्म में बताये गए मानवता की सेवा के कर्म को भूल बैठे है.

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