अलीगढ – गोरखपुर में हुई बच्चो की मौतों से लगभग पूरा देश ही सकते में है लेकिन इन मौतों के बाद हुई राजनीति से जहाँ देशवासियों में गुस्से की लहर देखि जा रही है वहीँ आरोप-प्रत्यारोप के दौर में सरकारी अस्पतालों में बच्चे सुरक्षित रहेंगे या नही इसकी ना तो अभी तक किसी ने ज़िम्मेदारी ली है ना ही जनता को ऐसा कोई आश्वासन दिया गया है.
 गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत से देशभर में विरोध प्रदर्शन का दौर शुरू हो गया है महाराष्ट्र के वर्धा में हुए प्रदर्शन के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मुख्यमंत्री योगी तथा स्वास्थमंत्री सिद्धार्थनाथ का पुतला फूंका, इसी बीच छात्रों की पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से कैंडल मार्च का आयोजन भी किया गया. इसी बीच डॉ. कफील के निलंबन की ख़बरें आने के बाद से छात्रों में आक्रोश भड़क गया.

रविवार रात छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी स्थित कैंटीन से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान संघ एवं भाजपा के खिलाफ नारे भी लगे। एहतियात के तौर पर बाब-ए-सैयद पर पुलिस एवं प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्य मौजूद थे। अचानक छात्रों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का पुतला लेकर फूंकने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी एवं प्रॉक्टोरियल टीम के सदस्यों द्वारा पुतला छीनने का प्रयास किया। इस दौरान छात्रों एवं पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक एवं छीनाझपटी भी हुई।

वहीं, पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी की अंगुली में चोट लगी है। नदीम अंसारी ने बताया कि हमने कहा था कि योगी का पुतला दहन करेंगे और आज कर दिखाया। गोरखपुर में डॉ. कफील को सस्पेंड इसलिए किया गया कि वह मुसलमान है। हम मुसलमानों पर जुल्म बर्दाश्त नहीं करेंगे। वहीं, एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान पुतला दहन की घटना से इंकार कर रहे हैं।

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