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भोपाल: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रों को आतंकी बताकर यूनिवर्सिटी को बदनाम करने की कोशिश एक बार फिर से नाकाम हो गई है.

यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर मन्नान वानी के हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने की मीडिया रिपोर्टो के बीच मन्नान वानी के आतंकी कनेक्शन के जाँच एजेंसियों को कोई सबूत नहीं मिले है. ध्यान रहे आठ जनवरी को इंटेलिजेंस आईजी मकरंद देउस्कर ने मन्नान वानी के भोपाल कनेक्शन की जांच की बात कही थी.

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इस बारें में अब इंटेलिजेंस के अधिकारियों ने बताया कि जांच में मन्नान वानी के भोपाल कनेक्शन और किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने को लेकर कोई सबूत नहीं मिला है.

इंटेलिजेंस आईजी मकरंद देउस्कर ने बताया था कि मन्नान वानी 2016 में भोपाल की आईसेक्ट यूनिवर्सिटी में आयोजित इंटरनेशनल कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए आया था.  इंटेलिजेंस ने जांच के दौरान यूनिवर्सिटी में कई लोगों से पूछताछ की और इस संबंध में जानकारियाँ जुटाई. लेकिन उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला.

गौरतलब रहें कि बीते दिनों वानी की हाथ में एके-47 वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. जिसके बाद मीडिया में खबर आई कि वानी हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ चुका है.

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