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इन दिनों कासगंज मामला सुर्ख़ियों में है. हर तरह इस मामले की चर्चा की जा रही है और हिन्दू-मुस्लिम समुदायों को भड़काने का काम ज़ोरों पर है. ऐसा ही एक मामला अमरोहा में भी सामने आ रहा है. यहाँ हिन्दू-मुस्लिम समुदायों को भड़काने का काम चल रहा है.

गौरतलब है की अमरोहा के आस-पास ग्रामीण तबकों में एक बड़ी संख्या दलित समुदाय की है तथा एक बड़ा वोट बैंक होने के कारण चुनावों का रुख पलटने की शक्ति रखते है, अधिकांशतः यहाँ के चुनावों में समाजवादी तथा बहुजन पार्टी का ही दबदबा रहता है. यहीं कारण था जब 1999 में बसपा से चुनाव लड़ने वाले राशिद अल्वी को दलित -मुस्लिम बहुतमत से वोट मिले थे और अमरोहा संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतकर पार्लियामेंट गये थे. अल्वी से पहले यहाँ चेतन चौहान ‘कमल का फूल खिला चुके थे.

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जिस तरह अचानक से हलात बनाए गये हैं उसमे यह देखने में आ रहा है की दलित-मुस्लिम बहुतमत को तोड़ने के लिए सांप्रदायिक शक्तियां अमरोहा के धरातल पर उतरनी शुरू हो गयी हैं, जबकि स्थनीय नागरिकों का कहना है की अमरोहा में कभी दंगे नही हुए यहाँ तक की सन 92 में बाबरी-मस्जिद की शहादत के समय भी यहाँ के माहौल में शांति थी.

डाॅ तारिक़ अज़ीम जो की अमरोहा के वरिष्ठ पत्रकार है. उन्होंने अपनी फेसबुक वॉल पर इस मामले की सच्चाई ज़ाहिर करते हुए कुछ चौकाने वाले खुलासे किये है.

उनके मुताबिक, डीएम नवनीत सिंह चहल ने शहर के लोगों से अपील की है कि, साम्प्रदायिकता फैलाने वालो से सावधान रहें तथा प्रशासन उनके खिलाफ  सख्त कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा कि, हमें फ़र्ज़ी खबरो और फ़र्ज़ी लोगो से सावधान रहने की ज़रूरत है. ज़िला अमरोहा के नोगांवा मे कुछ लोग लगातार फर्जी खबरो से माहौल को साम्प्रदायिक तनाव की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे है. जिससे अमरोहा में हिन्दू-मुस्लिम को भड़काने का काम चल रहा है. जो कि समाज के लिए बेहद नुकसान दायक है.

उन्होंने कहा कि, एक फर्जी झोलाछाप छुटभैया नेता जो नोगांवा सादात से ताललुक़ रखता है उसने दलित समुदाय के लोगों को मुसलिम समाज के ख़िलाफ भड़का कर खबर बनवा दी है और उन ख़बरों में कहा गया कि मुसलमानों की वजह से नोगांवा के दलितों के अंदर ख़ोफ है. उनके मौहल्ले गोतम नगर का नाम बदल कर इस्लाम नगर कर दिया गया है.

अब उनके मौहल्ले का नाम बदल कर उनको वहां से भगाना चाहते है. इस फर्जी झोलाछाप ने एक खबर चलवाकर अमरोहा के माहौल को पूरी तरह साम्प्रदायिक करने की कोशिश की लेकिन खुद जनता ने इस मामले को खत्म करने की पहल की.

उन्होंने कहा कि, कुछ लोग अमरोहा में साम्प्रदायिकता फैलाना चाहते है. उन लोगो से हमें सावधान रहने की ज़रूरत है. अमरोहा डी एम ने भी इस तरह की किसी भी घटना से इंकार किया है और CNNIBN नयूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू  के दौरान बताया कि फ़र्ज़ी खबरो और फ़र्ज़ी लोगो से सतर्क रहने की ज़रूरत है.

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