जाटों से समझौते के बाद भी अमित शाह की रैली फ्लॉप, ख़ाली रह गई कुर्सियाँ

10:18 am Published by:-Hindi News
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हरियाणा में सत्तारूढ़ बीजेपी की ‘युवा हुंकार रैली‘ विफल साबित हुई. ये रैली ऐसी स्थिति में विफल हुई जब राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रैली को कामयाब बनाने के लिए जाटों के साथ केस वापस लेने का समझौता किया था.

भाजपा ने जितना दावा किया था उसके आधे भी लोग नहीं पहुंच पाए. वहीं रैली में मंगवाई गई कुर्सियां भी खाली पड़ी दिखाई दी. अपनी विफलता को छुपाने की बीजेपी ने पूरी कोशिश की लेकिन वह छुप न सकी. खाली कुर्सियों को छुपाने के लिए उन्हें शमियाने से ढक दिया गया.

ये तस्वीरें जींद में अमित शाह के भाषण के दौरान ली गई हैं। 3-4 बार चौधरी बीरेंद्र सिंह और फिर 4-5 बार अमित शाह ने मंच से कहा कि ये रैली नहीं है बल्कि कार्यकर्ता सम्मेलन है, ये रैली नहीं कार्यकर्ता सम्मेलन है।। उसकी वजह ये है कि 2 लाख का दावा करने वाली पार्टी मुश्किल से 10 हज़ार लोग इक्कट्ठा कर पाई।।। और हां, इस कार्यक्रम का नाम "हुंकार रैली" था, कार्यकर्ता सम्मेलन नहीं।।

Posted by Khari Khari News on 15 ಫೆಬ್ರವರಿ 2018

ध्यान रहे इस रैली को कामयाब बनाने के लिए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की और से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली को रोकने की धमकी देने के बाद दबाव में आई खट्टर सरकार ने 822 लोगों पर दर्ज 70 मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया था.

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