भारी भरकम फीस वसूलने में लगे निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के खिलाफ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कारवाई के आदेश दे दिए हैं. साथ ही चेतावनी भी जारी की हैं कि या तो अपना काम सही तरह से करें या दुकान बंद कर दे.

चंडीगढ़ में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में आदेश देते हुए अमरिंदर ने कहा कि जो निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज दाखिला नियमों का उल्लंघन करते हुए और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ना देते हुए पाए जाएंगे, उन्हें बंद कर दिया जाएगा.

सरकारी मेडिकल कॉलेजों द्वारा निधि की कमी की शिकायतों के बीच मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव करण अवतार सिंह से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के लिए तय केंद्रीय निधि इन कॉलेजों को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए उपलब्ध कराई जाए.

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अमरिंदर ने मेडिकल संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए उनकी सरकार का ई-गवर्नेंस पर ध्यान केंद्रित होने का जिक्र करते हुए संबंधित अधिकारियों को मरीजों के रिकॉर्डों का कम्प्यूटरीकरण करने के लिए कहा.

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