हैवानियत: बेटा नहीं हुआ तो की बेटी की बलि देने की कोशिश, पत्नी को भी दिया तीन तलाक

11:05 am Published by:-Hindi News
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इस्लाम में बेटी को रहमत करार दिया गया है, बावजूद इसके कौम में ऐसे भी जाहिल है जो इस रहमत को जहमत समझ कर उनकी जान लेने पर उतारू हो जाते है.

ताजा मामला राजस्थान के अलवर जिले के खेडली कस्बे का है. जहाँ बेटा न पैदा होने पर बाप ने केवल अपनी दूध मुंही बेटी की बलि देने की कोशिश की बल्कि जब बीवी ने ऐसा करने से रोका तो उसे तलाक भी दे दिया.

खेरली कस्‍बे नि‍वासी बाबू खां की बेटी सकीना का निकाह 2013 में महुआ के इमरान खां के साथ हुआ था. शादी के दो साल बाद उसके बेटी पैदा हुई. 2 फरवरी 2017 को सकीना ने दूसरी बेटी को जन्‍म दि‍या. जिसके चलते पूरा ससुराल पक्ष सकीना के खिलाफ हो गया. साथ ही उसका जीना मुहाल कर दिया.

सकीना ने कहा कि बेटे की चाहत में एक तांत्रिक के जरिए उसकी बेटी की बलि तक देने की कोशिश की गई. जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई.  इसके बाद 2 अक्‍टूबर को करीब 12 बजे उसका पति इमरान, जेठ और जेठानी एक गाड़ी में बि‍ठाकर उसे खेड़ली ले आए. और तीन तलाक देकर छोड़ कर चले गए.

सकीना ने अब कठूमर न्‍यायालय में एडवोकेट सुभाष अरुवा के जरिए तीन अक्‍टूबर को दहेज़ प्रताड़ना, मारपीट  तलाक का मामलाा दायर किया है. इ‍स पर न्‍यायालय ने खेड़ली पुलि‍स को सकीना को लगी चोटों का मेडिकल कराने के आदेश दि‍ए.

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