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अलवर: कथित गौरक्षा के नाम पर गौरक्षको के हाथों मारे गए उमर का आखिरकार 6 दिनों बाद पोस्टमार्टम हो गया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उमर की मौत गोली लगने से हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि उमर को दो गोलियां लगी, जिससे उसकी मौत हुई.

ध्यान रहे 9 नवम्बर की देर रात अलवर जिले से भरतपुर स्थित अपने गांव से एक पिकअप में गाय लेकर जा रहे उमर, ताहिर और जावेद को रोक कर बेदर्दी के साथ मारपीट की थी. ताहिर और जावेद तो भागने में कामयाब हो गए थे. लेकिन उमर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी. फिर उसके शव को रेल की पटरियों पर फेंक दिया गया था.

अगले दिन उमर की बॉडी रेल पटरियों के पास मिली थी और उनके परिवार और सामुदायिक सदस्यों ने आरोप लगाया था कि उन्हें गौरक्षकों ने मार दिया. इस मामले में पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है. हालांकि पुलिस को गौरक्षकों की भूमिका को नकार रही है.

आप को बता दें कि सर्दियों के मौसम में अपने बच्चों के लिए दूध की जरुरत को पूरा करने के लिए उमर ने 15 हजार का कर्ज लेकर ये गाय खरीदी थी. जिन्हें लेकर वह अपने घर लौट रहा था.  इस घटना के बाद अब उमर के आठ बच्चों और विधवा पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है.

उमर के 80 वर्षीय पिता सहाबुद्दीन मोहम्मद रातों में सो नहीं पा रहे हैं. उनका इकलौता बेटा अब इस दुनिया में नहीं है. उनके सामने बस अब एक ही सवाल है कि उसके बच्चों का क्या होगा ?

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