अलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर रतनलाल हंगलू अपने बयान से पलटते हुवे नजर आ रहे हैं। हंगलू ने पहले आरोप लगाया था कि स्मृति ईरानी उनके काम में दखलंदाजी करती हैं। उन्होंने धमकी देते हुवे कहा था कि अगर ऐसा आगे भी जारी रहा तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।

लेकिन अब हंगलू ने राज्यसभा के सभापति को चिट्ठी लिखकर कहा है कि स्मृति ने कभी भी उनके काम में दखल नहीं दिया। उनकी बात का गलत मतलब निकाला जा रहा हैं। वीसी रतन लाल हंगलू ने नये सेशन से सभी इंट्रेंस एग्जाम सिर्फ आन लाइन ही कराए जाने का एलान किया था.

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लेकिन यूनिवर्सिटी में दाखिले की प्रक्रिया शुरू होते ही छात्रों ने इंट्रेंस एग्जाम को ऑफ लाइन कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया.भदोही औऱ कौशाम्बी से बीजेपी सांसद समेत बीजेपी के कई दूसरे नेताओं ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन कर इसकी शिकायत स्मृति ईरानी से की. स्मृति ईरानी ने वीसी के फैसले को पलटते हुए सभी इंट्रेंस एग्जाम में आफ लाइन का भी विकल्प दे दिया.

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