इलाहबाद हाई कोर्ट ने योगी सरकार को झटका देते हुए बंद बूचड़खानों को शुरू करने का आदेश दिया हैं. इन बूचड़खानों को तीन महीने में सभी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी कर चालु करवाने का आदेश दिय हैं. साथ ही हाईकोर्ट ने पैसे मिलने के बावजूद लीगल करने की प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डालने पर नगर निगम के अफसरों को कड़ी फटकार भी लगाई है.

जस्टिस वीके शुक्ल और जस्टिस एमसी त्रिपाठी की डिवीजन बेंच ने मीट कारोबारियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान नगर निगम के अफसरों को जहाँ जमकर फटकार लगाई. साथ ही यूपी सरकार को हिदायत दी कि वह जरूरत पड़ने पर ज़रूरी रकम मुहैया कराए.

कोर्ट ने ये आदेश मोहम्मद इलियास कुरैशी और अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. याचिका में कहा गया था कि नगर निगम के जरिए संचालित अटाला स्लॉटर हाउस और ईदगाह स्लॉटर हाउस को अवैध बताकर नगर निगम ने ही बंद कर दिया था. जबकि, बूचड़खानों से प्रदूषण की जो समस्या थी उसे दूर करने की जिम्मेदारी भी नगर निगम की ही थी.

याचिका में अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने बूचड़खानों के नवीनीकरण के लिए 335 करोड़ का बजट मई 2016 में जारी किया था, लेकिन निगम ने इस बजट का भी समय पर इस्तेमाल नहीं किया.

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