झारखंड के रामगढ़ में बीफ ले जाने का आरोप में गौरक्षकों के हाथों मारे गए अलीमुद्दीन उर्फ असगर अंसारी मामलें में नया मोड़ आ गया है. इस केस की मुख्य गवाह की गुरुवार 12 अक्टूबर को एक सडक हादसें माँ जान चली गई. हालांकि चश्मदीदों ने इसे एक साजिशन क़त्ल बताया.

गुरुवार को मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंची जलील अंसारी की पत्नी जुलेखा खातून पने भतीजा के साथ बाइक से छतरमांडू कोर्ट से घर लौट रही थी. इसी दौरान कोठार स्थित पेट्रोल पंप के पास अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी जिसमें जुलेखा की मौके पर ही मौत हो गयी और मोटरसाइकिल चला रहा अलीमुद्दीन का बेटा घायल हो गया.

अलीमुद्दीन की पत्नी मरियम खातून ने इस बारें में कहा कि यह दुर्घटना नहीं है, बल्कि सोची-समझी साजिश से की गई हत्या है. उन्होंने कहा कि बजरंग दल के लोग उन्हें पहले से ही अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे थे.

वहीँ मृतक के पति जलील अंसारी ने कहा कि ये दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या है, क्योंकि उसे कोर्ट परिसर में ही बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने गवाही देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी.

ध्यान रहे इस केस के मुख्य आरोपी बीजेपी नेता नित्यानंद महतो है. इसके अलावा 12 लोगों को आरोपी बनाया गया था. जिसमे 5 की गिरफ्तारी हुई थी.

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