अलीगढ़: यूपी पुलिस ने अंतिम संस्कार के दौरान एक युवती की अधजली लाश को चिता से बाहर निकलवाया हैं. पुलिस ने यह कदम परिजनों के आरोप के बाद उठाया. दरअसल, परिजनों का आरोप हैं कि युवती के पति ने उसके जिंदा होने पर भी उसका अंतिम संस्कार कर दिया.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़, 24 वर्षीय रचना सिसोदिया को कथित रूप से ज़िंदा ही चिता पर जलाने के लिए रख दिया गया. हालांकि नोएडा के अस्पताल (जहां युवती भर्ती थी) की डेथ समरी में बताया गया था कि लड़की मौत 25 फरवरी को हो गई थी. इसके अगले ही दिन उसका अंतिम संस्कार किया गया. जबकि अलीगढ़ में हुए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसकी सांस लेने वाली नली में राख पाया गया. जिसका मतलब यह है कि जलाए जाते समय वह जिंदा थी और सांस ले रही थी. जिस वक्त रचना के शव को बाहर निकाला गया वह 70 फीसदी जल चुकी थी.

रचना के परिजनों ने बताया कि बीते साल 13 दिसंबर को वह बुलंदशहर स्थित अपने घर से लापता हो गई थी. पुलिस ने उसकी गुमशुदगी को लेकर उसके पति देवेश चौधरी (23) और 11 अन्य के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कीं. रचना के मामा कैलाश सिंह ने कहा, ‘हमने उसे काफी खोजा लेकिन सब बेकार रहा. बाद में हमें पता चला कि वह देवेश के साथ रह रही है। हम अलीगढ़ के उस गांव भी पहुंचे लेकिन वे वहां नहीं मिले.’ पड़ोसियों के मुताबिक देवेश और रचना शादी के बाद काफी कम समय के लिए अलीगढ़ में रहे और बाद में नोएडा शिफ्ट हो गए.’

पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर इस मामलें में आरोपी पति देवेश समेत 11 लोगों के खिलाफ रेप कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन आरोपी फरार हो गए.


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