दो साल पहले यूपी के दादरी में कथित बीफ की अफवाह पर हुए अख़लाक़ हत्याकांड यूपी चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा हैं. इस मुद्दे के राजनीतिकरण होने के बाद दादरी की जनता चिंतित नजर आ रही हैं.

दादरी की जनता ने एक बार फिर से इस मुद्दें को लेकर राज्य सरकार को चेतावनी दी हैं. बिसाहड़ा की जनता ने अखिलेश यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अखलाक की हत्या के आरोपियों को रिहा नहीं किया गया तो इसका खामियाज़ा उन्हें चुनाव में भुगतना होगा.

दादरी की जनता का कहना हैं कि अखिलेश सरकार ने अखलाक हत्याकांड में सिर्फ एक पक्ष की सुनकर कार्रवाई की. 28 सितंबर 2015 को हुए इस जघन्य हत्याकांड में मोहम्मद अखलाक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी और उसके बेटे को बुरी तरह से घायल कर दिया गया था.

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इस मामले में पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया था जिनमें से 14 अभी भी जेल में बंद हैं. जिसमे से रवि नाम के युवक की पिछले वर्ष संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. रवि की मौत पर दक्षिणपंथी संगठनों ने खूब हंगामा किया था. जिसके बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविको परिजनों को मुआवज़ा देने की घोषणा की थी.

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