Akhilesh Supreme Court openly blown apart

आगरा,प्रवासी सम्मेलन के शुभारंभ पर 13 एमओयू कर चुके मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को एमओयू का री-प्ले ताजमहल पर किया और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के साथ एएसआई एक्ट के नियमों को तार-तार कर दिया।

बिना पूर्व अनुमति के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सेंट्रल टैंक पर जाकर दो एमओयू किए। इस दौरान उनके साथ सिक्योरिटी गार्ड्स भी हथियारों के साथ मौजूद रहे और पूरी फ्लीट ताज के गेट तक पहुंची, जबकि अपनी कार ले जाने के चक्कर में ही बीते साल अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा का ताजमहल का दौरा कैंसिल हो गया था।

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सोमवार को जो एमओयू किए गए, मंगलवार को ताजमहल पर उनका री-प्ले किया गया। सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ताजमहल पहुंचे और राज्य सरकार तथा उत्तर प्रदेशीज इन कनाडा (यूपिका) के बीच और पैनोरमा इंडिया के साथ एमओयू साइन किया।

यूपिका से संजीव मलिक और पैनोरमा इंडिया से अनु श्रीवास्तव ने हस्ताक्षर किए। एएसआई ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी आपत्ति जताई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत ताजमहल के अंदर कोई भी बिजनेस डील या गतिविधि नहीं की जा सकती।

एएसआई के मुताबिक एमओयू व्यवसायिक गतिविधि है। केंद्र सरकार ने भी बीएसएनएल की वाई फाई सेवा का शुभारंभ ताज से न कर होटल से किया था।

यही नहीं, एएसआई एक्ट में ताज में हथियार के साथ किसी का भी प्रवेश निषेध है। यह एक्ट का उल्लंघन है। एएसआई अधिकारी हैरत में हैं कि आखिर मुख्यमंत्री स्तर पर ताजमहल में नियमों का उल्लंघन कैसे किया जा सकता है।

इस पूरे मामले की जानकारी एएसआई अपने मुख्यालय और संस्कृति मंत्रालय को दे रहा है। मुख्यमंत्री से जुड़ा मामला होने के कारण इसे संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।

साभार अमर उजाला