विश्व प्रसिद्ध अजमेर स्थित हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती (रह.) की दरगाह के दीवान जैनुअल अबेदीन अली खान को उनके पद से हटा दिया गया हैं. उन्हें उनके भाई से पद से हटाकर खुद को दरगाह का दीवान घोषित किया हैं. दरअसल, हाल में दरगाह दीवान के तीन तलाक को लेकर विवादित बयान आया था.

तीन तलाक को गलत ठहराते हुए दीवान सैयद जैनुल आबेदीन अली खान ने कहा था कि शरियत ने भी हमेशा से ही तीन तलाक का विरोध किया था, इसीलिए सभी मुस्लिम शरीयत की नाफरमानी से दूर रहें. इसी के साथ उन्होंने केंद्र सरकार के तीन तलाक पर प्रतिबंध के का समर्थन करते हुए ट्रिपल तलाक पर बैन लगाने की मांग की थी.

इसी के साथ दीवान ने गुजरात में संशोधित गौहत्या कानून का समर्थन करते हुए पुरे देश में गौहत्या पर बैन लगाने और गौ हत्या करने पर उम्र कैद की सज़ा की भी मांग की थी. साथ ही उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की भी मांग की थी.

805वें उर्स के समापन के मौके पर बयान जारी कर उन्होंने और उनके परिवार ने गौमांस सेवन को भी त्यागने की भी घोषणा की थी. साथ ही देश भर के मुसलमानों से गौमांस खाने न खाने  की अपील की थी.

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