up police inhuman face disclose

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2002 के दंगों के बाद से ही गुजरात में पुलिस पर से मुस्लिमों का भरोसा उठ गया था. उना कांड के बाद दलितों पर हुए हमले और इस पर पुलिस की कार्यवाही ने बची हुई कसर भी पूरी कर दी. अब गुजरात पुलिस दोनों समुदायों का भरोसा जीतने की कोशिश में लगी हैं.

दोनों समुदायों के विश्वास को हासिल करने के लिए अहमदाबाद पुलिस ने ‘चाय पर चर्चा’ शुरू की हैं. जिसके तहत पुलिस अधिकारी समुदाय के लोगों से उनके मोहल्लों और इलाकों में जाकर मिल रहे हैं. और चाय के बहाने समुदाय की परेशानी और मुसीबतों के बारें में जानकारी ले रहे हैं.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना हैं कि पुलिस विभाग की इस कोशिश से लोगों में पुलिस को लेकर विश्वास जगेगा और वह उन पर भरोसा कर पाएंगे. जॉइंट पुलिस कमिश्नर ऑफ पुलिस पीयूष पटेल ने बताया कि चाय पर चर्चा कार्यक्रम का उद्देश्य सभी समुदायों और जातियों के बीच पुलिस विभाग पर भरोसे को कायम करना है.

उन्होंने आगे कहा कि एक एनजीओ की मदद से शुरू हुई यह पहल एक महीने तक चलेगी. पुलिस इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिसकर्मी स्थानीय लोगों से मिलेंगे. कार्यक्रम का फोकस केवल जाति या समुदाय के लोग नहीं है. इस कार्यक्रम के जरिए महिलाओं के बीच जाकर उनकी समस्याओं को भी सुना जाएगा.


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