Friday, July 30, 2021

 

 

 

अहमदाबाद पुलिस का ‘अयूब हत्याकांड’ में गौरक्षकों को बचाने का प्रयास

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सितम्बर में अहमदाबाद में कथित रूप से गो-रक्षकों की पिटाई में हुई मोहम्मद अयूब खान की मौत में दाखिल चार्जशीट में अहमदाबाद पुलिस ने आरोपियों की गौरक्षकों की पहचान छुपाई हैं.

दरअसल, 13 सितम्बर को मोहम्मद अयूब अपने दोस्त के साथ एक गाय और बछड़े को लेकर जा रहे थे इस दौरान उन पर गौरक्षकों ने हमला कर दिया था. उनका दोस्त समीर तो भागने में कामयाब रहा था लेकिन अयूब को गौरक्षकों ने पकड़ लिया और बुरी तरह से पीटा था. जिसके तीन दिन बाद अयूब की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इस दौरान तीन गोरक्षकों ने मोहम्मद अयूब और समीर शेख के खिलाफ जानवरों की गैरकानूनी तस्करी के लिए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी.

अयूब की हत्या से संबंधित मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट में सिर्फ एक पैराग्राफ में अयूब की हत्या को अभिव्यक्त करते हुए लिखा कि “शिकायतकर्ता और मोहम्मद अयूब एक नीले रंग की इंडिगो कार में एक बैल और एक बछड़ा ले जा रहे थे. आरोपी व्यक्ति जाइलो और रेनॉल्ट कार में मोहम्मद अयूब का पीछा कर रहे थे जिनका एसजी हाईवे पर एक्सीडेंट हो गया. दुर्घटना के बाद आरोपी कार से बाहर निकले और अयूब पर लोहे की रोड और बेसबॉल स्टिक से हमला कर उसे घायल कर दिया, जिसके नतीजे में उसकी मौत हो गयी.”

400 पेज की चार्जशीट में आरोपियों की गौरक्षक होंने की पहचान छुपाई गई हैं. अयूब के परिवार का आरोप है कि गो-तस्करी की शिकायत दर्ज कराने वाले तीनों लोग भी उसे पीटने वाले लोगों में शामिल थे, लेकिन पुलिस का कहना है कि इस तरह का कोई सबूत नहीं है कि वे लोग वारदात के समय मौके पर मौजूद थे.

मृतक अयूब का परिवार अब इस हत्याकांड की आगे जांच की मांग के लिए एक आवेदन दाखिल करने जा रहा है. पीड़ित परिवार के अधिवक्ता शमशाद पठान के अनुसार, “पुलिस ने फोन कॉल की डिटेल्स की जांच नहीं की है, उससे कई अन्य आरोपियों के बीच सम्बन्ध का पता चल सकता था.

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