हिजबुल कमांडर हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर के हालात बदतर होते चले गए. 8 महीने से ज्यादा के वक्त गुजर चूका हैं लेकिन हालात अब भी पूरी तरह से नहीं सुधरे हैं. ऐसे में अब एक चौकाने वाला तथ्य सामने आया हैं.

केंद्र सरकार की और से मंगलवार को लोक सभा में दी गई जानकारी में खुलासा हुआ कि साल 2016 में घाटी में 88 युवा उग्रवादी संगठनों में शामिल हुए. जो कि साल 2010 की तुलना में 55 प्रतिशत अधिक है. साल 2014 और 2015 में उग्रवाद से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या में गिरावट आयी थी लेकिन बुरहान की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों के बाद ये संख्या तेजी से बड़ी.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसरास गंगाराम अहीर ने संसदी में जानकारी दी कि साल 2015 में 66, 2014 में 53, 2013 में 16, 2012 में 12, 2011 में 23 और 2010 में 54 युवक उग्रवादी बने थे. बुरहान वानी की मौत के बाद से ही कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी हैं.

उसकी मौत के बाद घाटी में हुए हिंसकों प्रदर्शनों में 90 से ज्यादा लोग मारे गए और सेकड़ों घायल हुए. इन घायलों में ज्यादतर सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल की गई पैलेट गन से घायल हुए हैं. जिमसे से कई आँखों की रौशनी भी चली गई. इनमे बच्चें भी शामिल हैं. जो विरोध-प्रदर्शनों का हिस्सा नहीं थे.

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