श्रीनगर: जुलाई 2016 में हिज्बुल कमांडर बुरहानी वानी की सुरक्षा बलों के हाथों मौत के बाद घाटी में प्रदर्शनों के दौरान 51 लोगों की मौत हुई थी. साथ ही 9,000 से अधिक लोग घायल हुए थे.

जम्मू कश्मीर सरकार के अनुसार, घायलों में पैलेट से घायल होंने वाले छह हजार से अधिक लोग भी शामिल हैं. नेशनल कांफ्रेंस के एक विधायक के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज कहा कि अशांति में आठ जुलाई 2016 से 27 फरवरी 2017 तक कश्मीर संभाग में 51 लोगों की मौत हुई.

उन्होंने कहा कि इस अवधि में गोलियों, पैलेट, पावा शैल और अन्य की गोलीबारी में 9042 लोग घायल हुए. उन्होंने कहा कि इनमें से 6221 लोग पैलेट से, 368 गोली, चार पावा शैल और 2449 अन्य से घायल हुए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 782 लोगों को आंख में चोट लगी जिसमें से 510 को अस्पताल में भर्ती कराया गया. पैलेट से घायल 5197 लोगों का जिला अस्पतालों में इलाज चल रहा है और बाकी को सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में भेजा गया.

महबूबा के अनुसार, सबसे ज्यादा 16 मौतें अनंतनाग जिले में जबकि कुलगाम जिले में 13, पुलवामा में सात और कुपवाड़ा में पांच मौतें हुईं.

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