कोलकाता की एक स्थानीय अदालत ने प. बंगाल के बीजेपी उपाध्यक्ष तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया. 14 जनवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस ने स्कूल शिक्षक की भर्ती में छात्रों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने के आरोप में गिरफ्तार किया था.

28 अगस्त, 2016 को शिकायतकर्ता अरूप रतन रॉय की शिकायत के आधार पर मजूमदार की बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय द्वारा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 406(आपराधिक विश्वासघात) तथा धारा 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत गिरफ्तारी हुई थी.

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शिकायतकर्ता अरूप राय का आरोप है कि जयप्रकाश मजूमदार हमसे एक भूख हड़ताल के दौरान मिले थे. इसका आयोजन नौकरियों की मांग को लेकर स्कूल सर्विस कमीशन के कार्यालय के सामने किया गया था. भाजपा नेता ने छात्रों से पैसे के बदले सर्वोच्च न्यायालय में मामला दायर कर नौकरी दिलाने का वादा किया था.

साल 2012 के दिसंबर में उससे चार लाख और 2015 में तीन लाख रुपये भाजपा नेता ने लिये. इसके वाबजूद उसके लिए नौकरी की व्यवस्था नहीं की. इसके बाद उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के पास लिखित शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई़. उसके बाद 28 अगस्त 2016 को विधाननगर उत्तर थाना में भाजपा नेता जय प्रकाश के  खिलाफ शिकायत दर्ज करायी.

विधाननगर अदालत में न्यायाधीश ने बचाव पक्ष के वकील की जमानत याचिका खारिज कर मजूमदार को जेल भेजने का आदेश दिया. उन्हें शनिवार को गिरफ्तार किया गया था. मजूमदार के खिलाफ शिकायतकर्ता के आरोप पर सरकारी वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता ने राज्य भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को भी इस मामले की जानकारी दी थी, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया, उसे अंतिम उपाय के तौर पर अदालत की शरण में आना पड़ा.

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