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देश की राजधानी दिल्ली से लेकर बुलंदशहर तक कावड़ियों का उत्पात जारी है। हर जगह कावड़ियों की गुंडागर्दी के आगे पुलिस नतमस्तक है। वहीं दूसरी और मेरठ में एसएसपी राजेश पांडेय हेलिकॉप्टर से फूल बरसा रहे। हालांकि उन्हे ये हेलिकॉप्टर रुट का हवाई सर्वेक्षण करने के लिए दिया गया था।

एसएसपी राजेश पांडेय के इस कारनामे के बाद एक नई बहस छिड़ गई है। विपक्ष का आरोप है कि ये धार्मिक आयोजन है और प्रशासनिक या पुलिस अफसर इसमें ड्यूटी के दौरान शामिल नहीं हो सकते। कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा नियम विरुद्ध है। ये मामला ऐसे समय मे सामने न आया जब दिल्ली के मोती नगर में कांवड़ियों ने व्यस्त सड़क पर जमकर उत्पात और बुलंदशहर में पुलिस कि पिटाई की।

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मामला बिगड़ता देख प्रशांत कुमार ने कहा कि फूलों का इस्तेमाल लोगों के स्वागत के लिए किया गया, इस मामले में धार्मिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा​ कि प्रशासन सभी धर्मों का सम्मान करता है और गुरु पर्व, ईद, बकरीद और जैन समुदाय के महोत्सवों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेता है।

एडीजी ने कहा कि कांवड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए समूचे ज़ोन में आकाश से निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा ड्रोन के ज़रिए भी कांवड़ियों की सुरक्षा की जा रही है। जगह जगह सीसीटीवी लगाए गए हैं और इन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए स्पेशल टीम भी बनाई गई है। पुलिस डिपार्टमेन्ट की एक पूरी टीम सिर्फ ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों पर नज़र रख रही है।

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