अहमदाबाद के शाहपुर इलाके में शनिवार 16 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए आतंकी हमले के खिलाफ निकाली गए शोक मार्च के दौरान पथराव हो गया।

अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर अनूप कुमार सिंह ने क्विंट को बताया कि पथराव के बाद झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई और एक गाड़ी को आग के हवाले लगा दिया गया। स्थिति को काबू में लाने के लिए आसपास के पुलिस स्टेशन से तुरंत फोर्स को भेजा गया। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में करने के लिए दंगाइयों पर आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

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बता दें कि शाहपुर के दिल्ली चकला और नागोरीवाड़ी इलाके के बीच शनिवार शाम को जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए एक रैली निकाली जा रही थी, इस रैली में अल्पसंख्यकों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल हुआ था। इस मामले में अब क्राइम ब्राँच ने वसंतविहार सोसायटी, लाँभा रोड पर अपने भाई के साथ रहने वाले 35 साल के संजय को गिरफतार किया है।
अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर अनूप कुमार सिंह ने क्विंट को बताया कि “हमें स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए आस-पास के इलाकों से सेना तैनात करनी पड़ी। हमें आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े। शादी में आए एक व्यक्ति की एक कार में आग लगा दी गई। अब तक, 15-20 व्यक्तियों को राउंड अप किया गया है और कॉम्बिंग ऑपरेशन चल रहा है।”
सिंह ने इस विवाद को पाकिस्तान विरोधी भावना के कारण उत्पन्न हुआ बताया। उन्होंने कहा कि वाल्ड सिटी में हिंदू और मुस्लिम, दोनों समुदाय सीआरपीएफ के शहीद जवानों के लिए शोक मार्च और रैलियों का आयोजन कर रहे हैं।

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