लाभ के पद का विवाद खड़ा होने के बाद चुनाव आयोग की सिफारिश को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी देते हुए दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी है.

ध्यान रहे शुक्रवार (19 जनवरी) चुनाव आयोग ने आप के 20 विधायकों को अयोग्य करार देते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की सिफारिश राष्ट्रपति से की थी. जिसके बाद आज आप विधायकों को अयोग्य घोषित करने को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है.

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हालाँकि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की अनुशंसा आने के बाद राष्ट्रपति से मिलने की अनुमति मांगी थी. पार्टी का आरोप था कि बिना विधायकों का पक्ष सुने चुनाव आयोग ने अपना फैसला सुना दिया है. लेकिन अब राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी मिलने के बाद 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा की 20 सीटों के लिए उपचुनाव कराना पड़ेगा.

अब राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी मिलने के बाद 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा की 20 सीटों के लिए उपचुनाव कराना पड़ेगा. अब आम आदमी पार्टी के सामने केवल कोर्ट में जाने का ही विकल्प बचा है. हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई सोमवार को होनी है.

जिन विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया है उनमें अलका लांबा, आदर्श शास्त्री, संजीव झा, राजेश गुप्ता, कैलाश गहलोत, विजेंदर गर्ग, प्रवीण कुमार, शरद कुमार, मदन लाल खुफिया, शिव चरण गोयल, सरिता सिंह, नरेश यादव, राजेश ऋषि, अनिल कुमार, सोम दत्त, अवतार सिंह, सुखवीर सिंह डाला, मनोज कुमार, नितिन त्यागी और जरनैल सिंह (तिलक नगर) शामिल हैं.