आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली की तीनों राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. इस  दौरान राज्यसभा जाने के लिए आस लगाये हुए बैठे कुमार विश्वास को बड़ा झटका लगा है. आम आदमी पार्टी (आप) ने कुमार विश्वास को टिकिट नहीं दिया है.

पार्टी ने पीएसी प्रमुख संजय सिंह, दिल्ली के व्यवसायी सुशील गुप्ता और चार्टर्ड अकाउंटेंट नारायण दास गुप्ता को उम्मीदवार बनाया है. टिकिट नहीं मिलने से नाराज कुमार विश्वास ने अब पार्टी आलाकमान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, जिन लोगों ने लंबे समय से पार्टी में क्रांतिकारी काम किए हैं उन्हें टिकट मिलने पर बधाई.

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विश्वास ने कहा कि पिछले डेढ़ साल से अरविंद केजरीवाल ने जो भी फैसले लिए चाहे वह टिकट वितरण में गड़बड़ी हो, जेएनयू हो, पंजाब में अतिवादियों के प्रति नरम रवैया हो या कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, जहां-जहां मैंने सच बोला, मुझे आज उसका पुरस्कार दंडस्वरूप मिला है.

उन्होंने कहा, ”मैं 40 वर्ष से मनीष सिसोदिया के साथ, 12 वर्ष से अरविंद के साथ और 7 साल से कार्यकर्ताओं के लिए काम कर रहे सुशील गुप्ता को राज्य सभा भेजने पर मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री को बधाई देता हूं, जिन्होंने शानदार चयन किया है. कार्यकर्ताओं को भी बधाई, जिनकी बात सुनी गई.”

विश्वास ने कहा कि 4 महीने पहले मुझसे अरविंद केजरीवाल ने बोला था कि आपको मारेंगे, लेकिन शहीद नहीं होने देंगे. आज मैं अपनी शहादत स्वीकार करता हूं. उन्होंने कहा कि युद्ध का एक नियम होता है कि शहीदों के शव के साथ छेड़छाड़ नहीं की जाती और हमारे दल में अरविंद केजरीवाल की मर्जी के बिना कुछ होता नहीं है. उनसे असहमत रहकर वहां जिंदा रहना बहुत मुश्किल है. उन्होंने कहा कि मैं पार्टी आलाकमान से गुजारिश करता हूं कि शहीद तो कर दिया, लेकिन इस शव के साथ छेड़छाड़ न करें.