उर्स-ए-आला हजरत का शुक्रवार को परचम कुशाई की रस्म के साथ आगाज हो चुका है। उर्स में शामिल होने के लिए देश-विदेश के जायरीन बरेली पहुंचने लगे है। शनिवार को बड़ी तादात में जायरीन बरेली पहुंचे और दरगाह ए आला हजरत पर हाजिरी दी।

जलसे का आगाज तिलावत-ए-क़ुरान से हाफिज फहीम रजा समदानी ने किया। दरगाह के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी अहसासुल मुस्लेमीन कमेटी के सदर नसरत अली खान, वसीम खान, नदीम नूरी, जाहिद नूरी, निजाकत खान, अब्दुल करीम ने दस्तार बंदी कर गुल पोशी की।

इस मौके पर मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने आह्वान किया कि हम सब अहद करे कि कम खाएंगे लेकिन अपने बच्चों को तालीम जरूर दिलाएंगे। दुनियावी तालीम भी हासिल करें। बच्चे उर्दू-अरबी के साथ इंग्लिश-हिंदी के भी जानकर बने तभी हम अपने मजहब की सही तस्वीर लोगों तक रख सकते है।

वहीं अहसन मियां ने अपील की कि उर्स-ए- आला हजरत और आने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी में म्यूजिक वाली नातों से परहेज करें। कमेटी ने जुलूस में शामिल 100 लोगों को कुरा अंदाजी के जरिए कंजुल ईमान तोहफे बतौर दरगाह प्रमुख सुब्हानी मिया के हाथों बंटवाया गया।

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आला हजरत का उर्स बरेली में तीन दिन मनाया जाएगा। मथुरापुर के इस्लामिक स्टडी सेंटर में भी उर्स के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। उर्स के कार्यक्रम लगातार तीन दिन चलेंगे।पांच नवंबर को कुल शरीफ की रस्म के साथ ही उर्स का समापन हो जाएगा।

इस मौके पर यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से भी दरगाह आला हजरत पर चादरपोशी कराई गई।अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के नदीम जावेद, मध्य प्रदेश के प्रभारी संजय कपूर, पूर्व मंत्री जाहिद रज़ा खान और प्रोफेसर हफीजुर्ररहमान सोनिया और राहुल गांधी की चादर लेकर बरेली पहुंचे और दरगाह पर चादरपोशी की।

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