भारत में प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिदीन से रिश्तें होने के आरोप में मंगलोर की एक विशेष अदालत ने 4 मुस्लिम नौजवानों को बाइज़्ज़त बरी कर दिया हैं. इन सभी पर भटकल बंधुओं की मदद करने के आरोप था.

मुस्लिम नौजवानों को क़ानूनी सहायता उपलब्ध कराने वाली संस्था के प्रमुख गुलजार आजमी ने जानकारी देते हुए कहा कि आरोपी सैयद अहमद नौशाद, अहमद बावा अबूबकर और फकीर अहमद को अदालत ने दोषी माना हैं. जबकि मोहम्मद अली, जावेद अली, शब्बीर अहमद और मोहम्मद रफीक को बाइज़्ज़त बरी कर दिया.

अक्टूबर 2008 में रियाज़ भटकल और इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़े लोगों की मदद करने के आरोप में मंगलोर पुलिस ने सैयद मोहम्मद नौशाद, अहमद बाबा, मोहम्मद अली, जावेद अली, मोहम्मद रफीक, फकीर अहमद और शब्बीर भटकल को गिरफ्तार किया था. भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120 (बी), 121 (ए), 122,123,153 (ए) 122,420, 468,471 और यूएपीए कानून के प्रावधानों 10, 11, 13, 16,17,18,19,20,21 के तहत मामला दर्ज किया गया था. इसके अलावा आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ रखने की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.

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गुलजार आजमी ने बताया कि इस मामले में सात आरोपियों को अदालत ने दो साल जेल में रहने के बाद जमानत दे  दी थी. उन्होंने बताया कि आरोपियों के पक्ष में पांच साल बाद ट्रायल शुरू हुआ.

इस दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ गवाही देने के लिए 90 गवाहों को पेश किया जिसमें पुलिस अधिकारी, जांच अधिकारी, फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री के अधिकारी और अन्य शामिल थें.

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