Wednesday, June 23, 2021

 

 

 

मार्च से हिरासत में रखी गई 70 वर्षीय रोहिंग्या महिला ने जम्मू जेल में तोड़ा दम

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जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले की हीरानगर जेल में बंद 70 वर्षीय रोहिंग्या महिला की सोमवार को मौत हो गई। मृतक की पहचान नूर आयशा के रूप में हुई है जो मार्च की शुरुआत से ही जेल में बंद थी।

जेल अधीक्षक के कार्यालय के एक अधिकारी ने क्लेरियन इंडिया को बताया कि आयशा अस्थमा की मरीज थी और उसकी मौत स्वाभाविक थी। अधिकारी ने कहा, “अभी तक शव जेल अधिकारियों की हिरासत में अस्पताल में है।” उन्होने कहा, “मैं अंतिम संस्कार करने को लेकर जानकारी नहीं है।”

आयशा महिलाओं और बच्चों सहित लगभग 200 रोहिंग्या शरणार्थियों में शामिल थीं, जिन्हें मार्च की शुरुआत में जम्मू में उनके शिविरों से हिरासत में लिया गया था। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें उनके गृह देश म्यांमार भेज दिया जाएगा, यह तर्क देते हुए कि वे जम्मू और कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई कीमानवाधिकार समूहों और कार्यकर्ताओं ने व्यापक निंदा की है। वकीलों ने उनके निर्वासन और जेल से उनकी रिहाई पर रोक लगाने के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने उनके निर्वासन को सशर्त बना दिया।

इससे पहले मई में एक रोहिंग्या महिला का बाथरूम के फर्श पर गिरने से पैर टूट गया था। उन्हें जम्मू के अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें छुट्टी देने से पहले हफ्तों तक भर्ती कराया गया और फिर से हिरासत में रखा गया। हाल के हफ्तों में जेल के अंदर रखे गए 50 से अधिक शरणार्थियों में कोरोनावायरस की रिपोर्ट सामने आई है।

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