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बिहार के गोपालगंज में 7 वर्षीय बेटी सोनाली उर्फ़ मनीषा कुमारी खून की कमी से तड़प रही थी। लेकिन उसे कोई अपना खून देने वाला नहीं था। दलालों ने भी खून के बदले पैसे मांगे। ऐसे में फरहान नामक शख्स ने अपना खून देकर सोनाली की जान बचाई।

जानकारी के अनुसार, अमवा गांव के रहने वाले अनिल पाण्डेय की 7 वर्षीय बेटी सोनाली उर्फ़ मनीषा कुमारी को खून की कमी थी। खून की कमी से जूझ रही इस बच्ची को चिकित्सकों ने जल्द से जल्द खून उपलब्ध कराने की सलाह दी।

पीड़िता के पिता अनिल पाण्डेय ने बताया कि वे जब गोपालगंज ब्लड बैंक में रक्त लेने के लिए गए तो उन्हें वहा से बैरंग वापस भेज दिया गया। इसी दौरान उन्हें किसी दलाल ने 05 हजार रूपये में एक यूनिट खून उपलब्ध करा देने का आश्वासन दिया।

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पैसों के अभाव में पीड़ित परिवार ने चार दिनों तक अपनों से फोन कर खून देने की गुहार लगायी लेकिन कोई भी रिश्तेदार इस मुसीबत में काम नहीं आया। तभी अस्पताल में लाचार बेबस घूम रहे अनिल पाण्डेय पर बिहार ब्लड डोनर टीम के सदस्य फरहान की नजर पड़ी और उन्होने सोनाली को खून देने का फैसला किया।

फरहान खान ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि एक बच्ची खून की कमी से जूझ रही है. उन्होंने अपना ब्लड डोनेट कर इस बच्ची की जान बचाने की सोची और इसी नियत से उन्होंने इस पीड़ित परिवार को रक्तदान किया।

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