नई दिल्ली:  उत्तर प्रदेश के इटावा में सड़क पर लोग उस वक्त हैरान रह गए जब एक दरोगा दौड़ लगाते हुए बेहोश होकर गिर पड़े। दरअसल, दरोगा ने इटावा में ट्रांसफ़र किए जाने के विरोध प्रदर्शन के रूप में 65 किलोमीटर की दौड़ लगाने की ठानी थी।

दरोगा का कहना था कि अधिकारों का दुरुपयोग करके उनका ट्रांसफ़र किया है और इसका विरोध करते हुए वो 65 किमी तक दौड़ लगाएंगे और लोगों को जागरूक करेंगे, लेकिन कुछ ही दूर जाने के बाद दरोगा रास्ते में बेहोश हो गए जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

विजय प्रताप यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। फिलहाल, वह इटावा जिले की पुलिस लाइन में तैनात थे। शुक्रवार को पुलिस लाइन के आरआई ने उनका ट्रांसफर बिठौली थाने में कर दिया, विजय प्रताप अपने ट्रांसफर से इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने इटावा पुलिस लाइन से 60 किमी दूर बिठौली थाने तक दौड़कर ड्यूटी ज्वॉइन करने की ठान ली। लेकिन करीब 40 किमी की दूरी तय करने के बाद वह चकरनगर के हनुमंतपुरा के पास बेहोश हो गए।

ग्राणीणों ने दरोगा विजय प्रताप को उठाकर चारपाई पर लिटाया और फिर एंबुलेंस को कॉल किया। एसआई विजय प्रताप ने कहा कि, ‘आरआई (रिजर्व इंस्पेक्टर ऑफ पुलिस) की तानाशाही की वजह से मेरा ट्रांसफर किया जा रहा है।

एसएसपी ने मुझे पुलिस लाइन में ही रहने को कहा था, लेकिन आरआई जबरन मेरा तबादला बिठोली थाने कर रहे हैं। आप इसे मेरा गुस्सा कहें या नाराजगी, मैंने दौड़ते हुए ही बिठोली जाने का निर्णय लिया है। गौरतलब है कि विजय प्रताप के बीच रास्ते में ही गिरने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और फिलहाल पूरे मामले की जांच चल रही है।

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