देशभर में ईवीएम से छेड़छाड़ का मुद्दा गरमाया हुआ हैं. यूपी सहित पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद इस मुद्दें को लेकर सडक से संसद तक का संग्राम देखा जा रहा हैं. इसी बीच मुंबई के वकोला के 600 मतदाताओं ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर सवाल किया है कि आखिर उनके वोट कहां गए ? उन्होंने अदालत से विनती की कि अदालत पता लगाये कि आखिर उनके वोट गए कहां ?

एनडीटीवी की खबर के मुताबिक मामला मुंबई के वकोला इलाके में वार्ड नंबर 88 का है. जिसमे 13 उम्मीदवारों के पार्षद के चुनाव में हिस्सा लिया था. इन उम्मीदवारों में निर्दल के तौर पर नीलोत्पल मृणाल भी शामिल हुए थे. उन्हें सिर्फ 375 वोट मिले हैं. वहीँ सीट शिवसेना के खाते में गई. चुनाव परिणाम आने के बाद इलाके के 600 मतदाताओं ने एफिडेविट पर साइन करके, अपने वोटर आईडी की फोटो कॉपी के साथ, नाम, पता, मोबाइल नंबर लिखकर हाईकोर्ट में अर्जी दी है.

याचिकाकर्ता ताहिर शेख का कहना हैं कि ”मैं खुद काउंटिंग के दिन बैठा था. जब वोट गिने तो मैं बहुत निराश हुआ फिर हमने इलाके के लोगों के साथ बैठक की और तय किया कि कुछ करना है इसलिए हमने पीआईएल दी.” चुनाव हारने के बाद नीलोत्पल मृणाल का दावा है कि उन्होंने बीएमसी से आधिकारिक जानकारी मांगी जिससे उन्हें पता लगा कि कई वॉर्डों में जिन लोगों ने हलफनामे पर सहमति दी उससे कम वोट उन्हें मिले.

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नीलोत्पल ने कहा ”अगर मुझे हर बूथ से 50-60 वोट मिलते तो शायद पता करने में दिक्कत होती लेकिन 4-5 वोट मिले जहां से दुगुने से ज्यादा लोगों ने मुझे शपथपत्र देकर कहा कि उन्होंने मुझे वोट दिया था. मतदाता जानना चाहते हैं कि मामला ईवीएम में खराबी का है या उसके साथ छेड़छाड़ का.

याचिकाकर्ताओं के वकील श्रवण गिरी ने ”कहा याचिका दाखिल हो गई है. किसी भी दिन सुनवाई की तारीख आ सकती है. हम चाहते हैं कि अदालत जांच करवाए कि लोगों के वोट कहां गए?”

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