rpबैतूल: मध्य प्रदेश में एक आदिवासी महिला को 6 घंटे तक बंधक बनाकर गैंगरेप का मामला सामने आया है. 36 घंटे तक दुष्कर्मियों के चंगुल में रही महिला को आरोपी बेहोशी की हालत में जंगल में ही छोड़ गए, जिसके बाद वह 13 किलोमीटर पैदल चलकर बदहवास हालात में बैतूल पहुंची.

यह पूरा मामला अजाक थाने का है. पीड़िता के परिजनों ने बताया कि 14 दिसंबर की रात को ही आमला का एक बीजेपी पार्षद और उसके पांच साथी आए. घर का दरवाजा तोड़ दिया और महिला को उठा कर ले गये. पीड़ित महिला ने बताया है कि चौकी के जंगल में मुझे ले गए. रास्तेभर पीटते रहे. उसके बाद सभी ने मेरे साथ रेप किया. यह सिलसिला 36 घंटे तक चलता रहा. इसके बाद बेहोशी की हालत में मुझे जंगल में ही छोड़ दिया. जब मुझे होश आया तो किसी तरह जंगल से निकली और रेल की पटरी के सहारे यहां तक पहुंची.

पीडिता के अनुसार, आरोपी एक ही परिवार के हैं. इनमें भाजपा का पूर्व पार्षद संजू पिता नंदलाल राठौर, गब्बर पिता नंदलाल राठौर, गोलू पिता नंदलाल राठौर, अर्पित पिता गोलू राठौर, कालू पिता गोवर्धन और छोटू पिता गोवर्धन शामिल थे. पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने 27 नवंबर को उससे छेड़छाड़ की थी. इस मामले की आमला थाने में की गई रिपोर्ट वापस लेने के लिए आरोपी दबाव बना रहे थे. आरोपियों ने कई बार इसके लिए धमकी भी दी थी. पीड़िता की सास ने बताया कि आरोपियों से उनका मकान को लेकर विवाद चल रहा था.

आरोपियों ने पीड़िता के साथ दुराचार कर 16 तारीख को रात 12 बजे बेहोसी की हालत में जंगल में छोड़ दिया था. सुबह होश आने पर पीड़िता रेलवे ट्रैक के सहारे बैतूल रेलवे स्टेशन तक पहुंची और परिजनों को जानकारी दी. पीड़िता मामले की शिकायत हेतु महिला डेस्क पर गई तो वहां से उसे अजाक थाने भेजा गया. अजाक पुलिस ने भी उसे आमला पुलिस थाने जाने की नसीहत दी. इसी बीच महिला की हालत बिगड़ने लगी. इसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया.


शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

Loading...

कोहराम न्यूज़ की एंड्राइड ऐप इनस्टॉल करें