अलीगढ़: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ अलीगढ़ शहर में रविवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त झड़प हो गई। जिसमे दो गंभीर सहित 6 लोग घायल हो गए। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी है।

जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि अपर कोट इलाके में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग हिंसा पर उतारू हो गये और उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया. जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि यह घटना उस वक्त घटी जब पुलिस ने शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहम्मद अली रोड पर गत शनिवार से जारी धरना प्रदर्शन के स्थल को खाली कराने की कोशिश की।

चंद्र भूषण सिंह ने कहा कि पुलिस की तरफ से कोई गोलीबारी नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि उपद्रवियों ने पथराव किया, सार्वजनिक और सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया और गोलियां भी चलाईं, लेकिन स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। हिंसा में एक दुकान आंशिक रूप से जल गई थी।

इलाके में पुलिस की भारी टुकड़ी तैनात है, जबकि इंटरनेट सेवाएं 24 घंटे के लिए जिले में निलंबित कर दी गई हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक (अलीगढ़ रेंज) प्रीतिंदर सिंह ने पीटीआई को बताया कि हिंसा के बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया। सिंह ने प्रदर्शनकारियों द्वारा नजदीक के एक मंदिर में पथराव किए जाने की खबर को गलत बताते हुए कहा कि मंदिर में कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं हुई है।

पीटीआई के मुताबिक, 22 वर्षीय तारिक के पिता और भाई, जिन्हें गोली लगी थी, ने बताया कि उनके घर के बाहर खड़े होने पर उन्हें एक बदमाश ने गोली मार दी थी। तारिक को एएमयू के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर बताया।

अस्पताल के प्रवक्ता ने कहा कि झड़प के बाद पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनमें से एक, 25 वर्षीय मोहम्मद इब्राहिम, उसकी बाईं आंख में गोली लगी थी, प्रवक्ता ने कहा कि जब उन्होंने एक ऑपरेशन किया, तो वह उस आंख में अपनी दृष्टि खो सकता था। प्रवक्ता ने कहा कि दो अन्य घायल, राशिद, 20, और कलीम 22, आंख की चोट के साथ और सीने में रबर की गोली के साथ क्रमशः खतरे से बाहर थे।

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