शिवराज सरकार का सामने आया बड़ा घोटाला, ढोल-मंजीरों में 57 करोड़ रुपए…

11:38 am Published by:-Hindi News

व्यापम मामले में परेशानियों से घिरी मध्य प्रदेश की पूर्व शिवराज सरकार पर ढोल-मंजीरों के नाम पर करोड़ों की राशि के घोटाले का आरोप लगा है। प्रदेश भर की पंचायतों की कला-मंडलियों को 57 करोड़ से ज्यादा की राशि बांटी गई। लेकिन ये राशि जिन तक पहुंचनी थी। उनको मिली ही नहीं।

जानकारी के अनुसार, 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मंडलियों को वाद्य यंत्र खरीदने के लिए राशि देने का निर्णय किया गया और महज 7 दिनों के भीतर ही करोड़ों की राशि 5 जिलों में बांट दी गई।

शिवराज सरकार में वाद्य-यंत्र खरीदने के लिए प्रदेश भर की पंचायतों को राशि वितरित होनी थी। कांग्रेस सरकार ने सवाल उठाया है कि आखिर बिना रजिस्ट्रेशन कैसे मंडलियों को राशि बांटी गई है। मंडलियों के नाम पर हर व्यक्ति को 25 हजार की राशि दी गई है।

कांग्रेस के एक विधायक का कहना है कि यह राशि अब तक कला मंडलियों और कलाकारों तक नहीं पहुंची है। फिर राशि क्या कार्यकर्ताओं को चुनावी फायदे के लिए बांटी गई है? तीन पंचायतों में सबसे ज्यादा राशि बांटी गई है।

देवास के 6 ब्लॉक में  1,23,75,000, मंदसौर के 5 ब्लॉक में एक करोड़ 10 लाख, नीमच में तीन ब्लॉक में 59 लाख, उज्जैन में एक करोड़ 52 लाख 25 हजार की राशि वितरित की गई है।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि आखिर 2018 के मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले इतनी हड़बड़ी में राशि क्यों बांटी गई? क्या चुनाव के बहाने कार्यकर्ता को साधने की कोशिश थी। अब तक कलाकारों तक राशि क्यों नहीं पहुंची है? क्या कलेक्टर्स और प्रभारी मंत्रियों के बीच ही राशि बांट दी गई है।

Loading...