महाराष्ट्र में किसानों की खुदकुशी के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे है। बीते 6 महीनों मे 1307 किसान खुदकुशी कर चुके हैं। यानि रोजाना 7 किसान आत्महत्या कर रहे है। दूसरी और किसानों के नाम पर अरबों रुपए का कर्ज लेकर कारोबारी मजे ले रहे है।

जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने  राज्य परभनी जिले में गंगाखेड शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड के प्रवर्तक रत्नाकर गुट्टे पर किसानों के नाम पर फर्जी दस्तावेज के जरिए 5400 करोड़ रूपये का कर्ज लेने का आरोप लगाया। जिसके नोटिस अब किसानों को मिल रहे है।

एनसीपी नेता मुंडे ने सदन में नियम 289 के तहत मामला उठाते हुए कहा कि गुट्टे ने धन को ठिकाना लगाने के लिए 22 छद्म कंपनियां (सेल कंपनियां) बनायीं। फिर लोन की राशि को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। ये लोन गंगाखेड शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड ने वर्ष 2015 में ‘हार्वेस्ट एंड ट्रांसपोर्ट स्कीम’ के तहत 600 किसानों के नाम पर हासिल किया।

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धनंजय मुंडे ने सदन को बताया कि रत्नाकर गुट्टे के खिलाफ 5 जुलाई को तमाम धाराओं में एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने इस मुद्दे को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि सरकार की तरफ से जरा सी भी ढिलाई बरती गई तो रत्नाकर गुट्टे पीएनबी स्कैम के आरोपी नीरव मोदी की तरह देश छोड़कर भाग सकते हैं।

मुंडे द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर विधानसभा के सभापति रामराजे निंबालकर ने संज्ञान लेते हुए सरकार को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए और कहा कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की जाए।