मुंबई:  PMC बैंक के बाद महाराष्ट्र के कर्नाला को-ऑपरेटिव बैंक में बड़ा घोटाला सामने आया है। पनवेल स्थित कर्नाला नगरी सहकारी बैंक में 512.5 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता के लिए एक पूर्व विधायक सहित 76 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इनमें 13 लोग बैंक के संचालक मंडल से जुड़े हुए हैं, जबकि 63 लोगों पर नकली कागजात बनाकर बैंक से 512 करोड़ कर्ज लेने का आरोप है। जिनके खिलाफ केस दर्ज हुआ है, उनमें से कई शेतकरी कामगार पार्टी से जुड़े हुए हैं। घोटाला सामने आने के बाद बैंक के ग्राहकों को पैसे निकालने पर पाबंदी लगा दी गई।

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक रायगढ़ जिले के सहयोग विभाग के विशेष ऑडिटर उमेश तुपे ने पूर्व किसानों और वर्कर्स पार्टी (पीडब्ल्यूपी) के विधायक और बैंक के संस्थापक-अध्यक्ष विवेकानंद पाटिल को मुख्य आरोपी बताया है। तुपे ने कहा कि जांच में पाया गया है कि लोन बिना किसी सिक्योरिटी के लिए गए थे और ये पैसे पाटिल द्वारा नियंत्रित ट्रस्टों के खातों में डाइवर्ट किए गए हैं।

इस बैंक की रायगढ़, पुणे और रत्नागिरी जिलों की 17 शाखाओं में लगभग 40,000 जमाकर्ता हैं। इसके बावजूद बैंक दबाव का सामना कर रहा था जिसके चलते पिछले साल निकासी 5,000 रुपये तक सीमित थी। बैंक उपाध्यक्ष, सीईओ और निदेशक मंडल के नाम पनवेल सिटी पुलिस स्टेशन में दर्ज़ की गई एफआईआर में हैं।

आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और दस्तावेजी सबूतों को गायब करने और द महाराष्ट्र प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट ऑफ डिपॉजिटर्स अधिनियम 1999, और महाराष्ट्र सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज़ किया गया है। बैंक के खाताधारकों ने इस मामले को लेकर भूख हड़ताल पर जाने की धम”की भी दी है।

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