सबका साथ-सबका विकास करने का दावा करने वाली मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार पिछले दो सालों से 5000 से ज्यादा मदरसा शिक्षकों को वेतन नहीं दे रही है। इस बार शिवराज सरकार की वजह से इन लोगों की ईद बेरंग रहेगी।

ध्यान रहे केंद्र सरकार से मिले अनुदान के बावजूद राज्य सरकार दो सालों से मदरसा शिक्षकों का वेतन नहीं दे रही। मानव संसाधन विकास मंत्रालय साल 2016-2017 और 2017-2018 की राशि जारी भी कर चुका है।

6000 रु महीने से 2 साल का 72 करोड़ 23 लाख 4 हजार रुपए वेतन रूका हुआ है।बता दें कि मदरसा शिक्षकों को एक साल में एक मुश्त राशि वेतन के तौर पर 72 हजार रुपए दिया जाता है।

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आरोप है कि सरकार ने केंद्र से मिले मदरसा शिक्षकों की राशि को किसी दूसरे मद में खर्च कर दी है। इस मामले में मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा है कि केंद्र से आई राशि प्रक्रिया के तहत जल्द मिल जाएगी।

मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसों को भारत सरकार एसपीक्यूईएम योजना के तहत मानदेय राशि जारी करती है। बावजूद मदरसा शिक्षकों को वेतन ने देना शिवराज सरकार की मंशा पर सवाल जरूर खड़ा कर रहा है।

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