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दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने आज कठपुतली कालोनी में स्थित मदीना मस्जिद को गिरा दिया है. जिसके बाद इलाके में तनाव फैला हुआ है.

ठपुतली कालोनी स्थित मदीना मस्जिद 50 साल से भी ज्यादा पुरानी थी. इसी के साथ अब 100 साल से ज्यादा पुरानी  हजरत सईद भूरे शाह पीर की दरगाह पर भी खतरा मंडरा लगा है.

पिछले 32 सालों से मस्जिद में इमामत कर रहे हाफिज जहीर साहब का कहना है, ‘जब वहां रह रहे लोगों को स्थानांतरित करने में समय है तो मस्जिद को ढहाने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई?’

उन्होंने कहा, ‘मुझे कल डीडीए से एक फोन आया, जिसमें कहा गया कि मस्जिद ढहा दी जाएगी और हमें उसे खाली करने का आदेश दिया गया.  ऐसे में अब स्थानीय निवासी दरगाह की हिफाजत में लगे हुए है. इस बारे में ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए लोगों को इस बात का आश्वासन दिया है कि दरगाह को ढहाया नहीं जाएगा.

स्थानीय निवासी मोहम्मद इकबाल का कहना है, ‘हम जब छोटे थे तभी से ही दरगाह के इस रूप को देखते आए हैं. लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर वर्तमान में दरगाह है वहां 100 साल पहले तक जंगल था, वहां दलदल था. उस वक्त भूरे शाह ने वहां दलदल को भरकर बच्चों को पीपल के पेड़ के नीचे पढ़ाना शुरू किया था.

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