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चंडीगढ़: सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे विशेष सीबीआई अदालत के जज ब्रजगोपाल हरकिशन लोया की रहस्यमय मौत की जाँच की मांग जोर पकड़ती जा रही है.

पंजाब और हरियाणा उच्‍च न्‍यायालय के करीब 470 ने वकीलों ने भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति दीपक मिश्रा को एक पत्र लिखकर सीबीआई या स्‍पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) से जांच कराने की मांग की है. पत्र में वकीलों ने कहा है कि अगर लोया की मौत के मामले में उनके परिवार के आरोपों में सच्‍चाई का एक अंश भी है तो यह ”निष्‍पक्ष व साफ-सुथरे इंसाफ के लिए एक असुरक्षित माहौल” की ओर संकेत करता है.

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वकीलों ने लिखा, ”रसूखदार मामलों पर फैसला लेने वाले जजों की जिंदगी ही अगर सुरक्षित नहीं होगी और यह आरोप लगेगा कि उन्‍हें दबाव व प्रभाव में काम करना पड़ता है, तो न्‍याय खुद भी महफूज़ नहीं रह जाएगा. जो आरोप लग रहे हैं और घटनाक्रम जिस तरीके से विकसित हो रहा है, वह आम आदमी और कानूनी बिरादरी के भरोसे के लिए एक झटका है कि वे आखिर अब कौन से मंच पर जाकर अपना दावा रखें.”

ध्यान रहे इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अजीत प्रकाश शाह ने भी लोया की रहस्यमय मौत की जाँच की मांग की थी. जस्टिस शाह ने एक इंटरव्यू में कहा कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश या सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ख़ुद ये निर्णय करना होगा कि इस मामले में जांच की ज़रूरत है या नहीं, क्योंकि इन आरोपों की जांच न हुई तो न्यायापालिका पर कलंक लग जाएगा.

लोया अपनी मौत के समय मुंबई में विशेष सीबीआई अदालत के जज थे. जो वर्तमान बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और गुजरात के कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के ख़िलाफ़ सोहराबुद्दीन मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे. लोया की संदिग्‍ध परिस्थितियों में 2014 में नागपुर में अचानक मौत हो गई थी.

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