लखनऊ। उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने इस साल के बजट में मदरसों के लिए 459 करोड़ रुपए दिए हैं। वहीं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को वजीफे के लिए 942 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल बजट पेश किया है, जिसमें उन्होंने मजरसों के आधुनिकीकरण के लिए इस रकम की घोषणा की। योगी सरकार का ये तीसरा बजट है। सरकार ने 4.79 लाख करोड़ का बजट पेश किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 12 फीसदी ज्यादा है। योगी सरकार ने अपने तीसरे बजट में करीब 21,212 करोड़ रुपए की नई योजनाओं की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना के क्रियान्वयन हेतु काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद का गठन किया गया है। गंगा तट से विश्वनाथ मंदिर तक मार्ग के विस्तारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण हेतु 207 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित। अन्य योजनाएं इस प्रकार हैं-

-काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी में “वैदिक विज्ञान केन्द्र” की स्थापना हेतु 16 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
संस्कृति –
-मथुरा-वृन्दावन के मध्य ऑडिटोरियम के निर्माण हेतु 8 करोड़ 38 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
-सार्वजनिक रामलीला स्थलों में चहारदीवारी निर्माण हेतु 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
-वृंदावन शोध संस्थान के सुदृढ़ीकरण हेतु 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
पर्यटन –
-उत्तर प्रदेश बृज तीर्थ में अवस्थापना सुविधाओं हेतु 125 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
-अयोध्या के प्रमुख पर्यटन स्थलों के समेकित विकास हेतु 101 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।
-गढ़ मुक्तेश्वर के पर्यटन स्थलों के समेकित विकास हेतु 27 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-पर्यटन नीति 2018 के क्रियान्वयन हेतु 70 करोड़ रुपये तथा प्रो-पुअर टूरिज्म के लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-इसके अलावा प्रयागराज में ऋषि भारद्वाज आश्रम एवं श्रृंगवेरपुर धाम, विन्ध्याचल एवं नैमिषारण्य का विकास, बौद्ध परिपथ में सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कपिलवस्तु, कौशाम्बी एवं संकिसा का विकास, शाकुम्भरी देवी एवं शुक्रताल का विकास, राजापुर चित्रकूट में तुलसी पीठ का विकास, बहराइच में महाराजा सुहेलदेव स्थल एवं चित्तौरा झील का विकास तथा लखनऊ में बिजली पासी किले का विकास किया जाना प्रस्तावित है।

-प्रदेश में गौ वंश संवद्र्धन हेेतु सरकार प्रतिबद्ध है। इस हेतु पशु पालन एवं दुग्ध विकास के अलावा अन्य विभागों का भी सहयोग लिया जा रहा है। प्रदेश में मदिरा की बिक्री पर विशेष फीस अधिरोपित की गई है जिससे प्राप्त होने वाले अनुमानित राजस्व 165 करोड़ रुपये का उपयोग प्रदेश के निराश्रित एवं बेसहारा गौ वंश के भरण-पोषण हेतु किया जायेगा।

-ग्रामीण क्षेत्रों में गौ वंश के रख-रखाव एवं गौशाला निर्माण कार्य हेतु 247.60 करोड़ रुपये।
-शहरी क्षेत्रों में कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
– पं. दीन दयाल उपाध्याय लघु डेयरी योजना के संचालन हेतु 64 करोड़ रुपये की व्यवस्था है, जिसके अन्तर्गत 10 हजार इकाइयों की स्थापना किया जाना प्रस्तावित।
– मथुरा में नई डेयरी की स्थापना हेतु 56 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था।
-उत्तर प्रदेश दुग्ध नीति, 2018 के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों हेतु वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
-दुग्ध संघों तथा समितियों का सुदृढ़ीकरण, पुनर्गठन एवं विस्तारीकरण, कृषक प्रशिक्षण, तकनीकी निवेश, पशु प्रजनन तथा स्वास्थ्य कार्यक्रम योजनाओं हेतु 93 करोड़ रुपये की व्यवस्था।

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