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मुंबई: भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा के बाद बुलाए गए महाराष्ट्र बंद के दौरान किये गए प्रदर्शनों के चलते 300 लोगों को हिरासत में लिया है. इसी के साथ 16 से ज्यादा मामले दर्ज किये गए है. इसी के साथ मौजूदा स्थिति पर राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को तथ्यात्मक रिपोर्ट सौंप दी है.

बंद के दौरान राज्यभर में प्रदर्शनकारियों ने करीब 200 बसों को नुकसान पहुंचाया. कोल्हापुर में 13 बसों पर हमला किया गया. इसके अलावा मराठवाड़ा क्षेत्र के परभणी जिले में आरएसएस के कार्यालय पर हमला किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरएसएस विरोधी नारे भी लगाए. इसके अलावा लातूर जिले स्थित गृह नगर निलंगा में करीब 40 दो पहिया वाहनों और 10 से 12 चार पहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त किया.

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इस घटना के चलते राज्य को करीब 2 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. सबसे ज्यादा नुकसान अकेले ट्रांसपोर्ट सेक्टर को हुआ है. पुणे के एक सार्वजनिक परिवहन अधिकारी (पीएमपीएमएल) ने कहा, बसों को हुई क्षति और बंद के कारण परिवहन निगम को 1.5 करोड़ रुपए का घाटा हुआ है.

इसके बाद सबसे ज्यादा नुकसान पर्यटन क्षेत्र को हुआ है. आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के बाबासाहेब दानवे के अनुसार, बंद के कारण टूरिस्ट की संख्या 550 तक सिमट गई जिनमें विदेशी सैलानी मात्र 75 थे.

औरंगाबाद में ताजमहल रेप्लिका देखने वालों की संख्या में 20 फीसद तक गिरावट देखी गई. उन्होंने बताया, आमतौर पर अजंता और एलुरा की गुफाओं में लगभग 4,500 से 5,000 टूरिस्ट रोज आते है.