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उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में न्याय नहीं मिलने से नाराज मुस्लिम परिवार के 20 लोगों ने सोमवार को एसडीएम बड़ौत को एफिडेविट देकर स्वेच्छा से इस्लाम धर्म को छोड़ कर हिन्दू धर्म अपनाने का ऐलान किया है। जिसके बाद पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिये गए है।

एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि पीड़ितों की पुलिस से नाराजगी नहीं है, बल्कि वह अपने समाज के लोगों की ओर से सहयोग नहीं दिए जाने के कारण स्वेच्छा से धर्म बदल रहे हैं। दूसरी और हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मंगलवार को पीड़ितों के गांव में हवन यज्ञ कर रीति रिवाज के साथ सभी 20 लोगों का नामकरण कराने की तैयारी में जुटे है।

हिन्दू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष योगेंद्र तोमर ने बताया कि बदरखा गांव में आज यज्ञ होगा और इस यज्ञ के दौरान मुस्लिम समाज के लोग हिंदू धर्म विधिवत रूप से अपनाएंगे और इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करके उनका नामकरण भी किया जाएगा।

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दरअसल मामला छपरौली थाना क्षेत्र के बदरखा गांव का है जहां गांव के ही रहने वाले अख्तर अली अपने परिवार के साथ अपनी एक रिस्तेदारी कोतवाली बागपत क्षेत्र निवाड़ा गांव में रहता था और उनका बेटा कपड़े का व्यापार करता था और जुलाई माह में उनके बेटे गुलहशन अली का शव उनकी ही दुकान में खूंटी पर लटका हुआ मिला था।

परिजनों का आरोप था कि मुस्लिम समाज के ही कुछ दबंगो ने उसकी हत्या करने के बाद शव को खूंटी पर लटका दिया था। लेकिन पुलिस ने उनकी एक न सुनी और हत्या को आत्महत्या में दर्ज कर शव को जबरन दफ़नवा दिया गया। जिसकी शिकायत पीड़ितों ने जिले के आला अधिकारियों से कर उचित कार्रवाई की मांग की लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ितों ने धर्म परिवर्तन करने का फैंसला लिया है।

बागपत एसपी शैलेष कुमार पांडेय ने कहा, पीड़ित पक्ष को मुकदमे को लेकर कोई आपत्ति है तो मेरे पास आकर प्रार्थना पत्र दें। वह दोबारा मामले की जांच कराएंगे। अगर जांच में मामला सही पाया जाता है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

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