महाराष्ट्र में बीजेपी ने मराठा आरक्षण का बड़ा दांव खेला है। मुख्यमंत्री देवेंद फडणवीस ने अगले दो चरण में 72 हजार सरकारी नौकरियों की भर्ती में मराठा समाज के लिए 16 प्रतिशत सीटे आरक्षित रखने का ऐलान किया है।

फडणवीस ने कहा कि मराठा आरक्षण के संबंध में पिछड़ा आयोग में सुनवाई जारी है। आयोग की रिपोर्ट अदालत में पेश होने के बाद इस पर फैसला आएगा। धनगर आरक्षण के बारे में उन्होंने कहा कि टाटा सामाजिक संस्था ने सर्वे रिपोर्ट तैयार कर ली है। जल्द ही सरकार को रिपोर्ट मिल जाएगी। उसके बाद राज्य सरकार केंद्र से सिफारिश करेगी।

इस दौरान कांग्रेस के नसीम खान ने मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में फडणवीस ने साफ कहा कि संविधान के तहत धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता, इसलिए सरकार मुस्लिमों को आरक्षण नहीं दे सकती।

devendra fadnavish

बता दें कि मराठा क्रांति मोर्चा ने मराठा समाज को आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री को पंढरपुर में आषाढी एकादशी की पूजा ना करने देने की धमकी दी थी।

मराठा क्रांति मोर्चा के राज्य समन्वयक राजाभाऊ गायकवाड़ ने कहा था,”मराठा आरक्षण समेत अन्य मांगों को लेकर राज्य भर में मराठा समाज के 58 मोर्चे निकले जिसमें लाखों की तादाद में लोग शामिल हुए। इसके बावजूद राज्य सरकार समाज की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही। अब आरक्षण पर फैसला होने तक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का पंढरपुर की महापूजा नहीं करने दी जाएगी।”