जबलपुर के आर्मी बेस से 100 से ज़्यादा AK 47 की कथित तौर पर नक्सलियों को तस्करी का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पैर फूल गए है।

इस मामले में ना के रिटायर्ड शस्त्रसाज पुरुषोत्तम लाल और उसकी पत्नी को गिरफ़्तार किया जा चुका है। इससे पहले 29 अगस्त को बिहार की मुंगेर पुलिस ने इमरान नाम के आरोपी को 3 एके 47 और कुछ कल पुर्जे के साथ गिरफ़्तार किया था। इमरान ने पूछताछ में पुरुषोत्तम लाल का नाम लिया था।

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी पुरषोत्तम जबलपुर स्थित सुरक्षा संस्थान में काम करता था। जिन एके 47 हथियारों की तस्करी हो रही थी दरअसल वो आर्मी के जवानों को सप्लाई करने के लिए थीं। लेकिन ये अवैध ढ़ंग से बिहार के मुंगेर भेजी जा रही थीं।

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पुलिस का कहना है आर्मी बेस और फैक्ट्री के अधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से तस्करी की जा रही थी। इसमें कुछ सिविल लोग भी शामिल थे। पुलिस की रडार पर अब वो सब हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी एक्स सर्विसमैन पुरुषोत्तम लाल तस्करी के सिलसिले में 29 बार मुंगेर जा चुका था।

वह 2008 में जबलपुर के सुरक्षा संस्थान से रिटायर हुआ था। रिटायरमेंट के चार साल बाद 2012 से वो हथियारों की तस्करी में लिप्त हो गया।

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