Sunday, October 17, 2021

 

 

 

बाबरी मस्जिद में मांगी थी नमाज का लिए इजाजत, हाई कोर्ट ने लगाया पांच लाख का जुर्माना

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अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विवादित स्थल पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगने के लिए दाखिल अल-रहमान ट्रस्ट की याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गुरुवार सुबह खारिज कर दी।

इसके साथ कोर्ट ने कहा कि यह याचिका को सस्ती लोकप्रियता के लिये हासिल करने के लिए दी गई। ऐसे में याचिका दायर करने वाले पर पांच का जुर्माना भी लगाया गया है। अल रहमान चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी शरीफ ने याचिका दाखिल की थी। रायबरेली की पंजीकृत अल रहमान ट्रस्ट इस्लाम को बढ़ावा देने और मुस्लमानों की शिक्षा के क्षेत्र में काम करता है।

ट्रस्ट ने अपनी याचिका में कहा कि अयोध्या के विवादित स्थल पर भगवान रामलला की मूर्ति रखी है। वहां पर हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति है तो मुसलमानों को भी वहां नमाज पढ़ने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस याचिका में हाई कोर्ट के 2010 के उस आदेश का हवाला भी दिया गया था जिसमें कहा गया था कि विवादित भूमि पर मुसलमानों का भी एक तिहाई हिस्सा है।

गुरुवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट की पीठ ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका पब्लिसिटी स्टंट के लिए की गई है, इससे कोर्ट का समय बर्बाद हुआ है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर पांच लाख का जुर्माना भी लगाया।

याचिका में केंद्र व राज्य सरकार सहित फैजाबाद के मंडलायुक्त (रिसीवर) और जिलाधिकारी को भी पक्षकार बनाया गया था।

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