गुजरात में शराब पर कड़ा प्रतिबंध लेकिन 38 प्रतिशत युवा शराबी: रिपोर्ट

6:45 pm Published by:-Hindi News

पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात में बीजेपी सरकार के समय से ही प्रदेश को ‘ड्राई’ स्टेट का दर्जा मिला हुआ है। लेकिन एक रिपोर्ट में चौकाने वाला सच सामने आया है। जो ‘ड्राई’ स्टेट के दावों की पोल खोलता है।

दरअसल, ‘वडोदरा शहर के युवाओं द्वारा मादक पदार्थों के सेवन’ शीर्षक के तहत की गई क स्टडी में सामने आया कि  राज्य के 38 प्रतिशत युवा शराब के आदी हैं। ‘इन युवाओं की औसत उम्र 18 से 29 साल है।

प्रफेसर भावना मेहता के गाइडेंस में शोध करने वाले छात्र रजत सरोहा ने बताया कि स्टडी में शामिल प्रतिभागियों में 38 फीसदी युवा शराब का सेवन करते हैं। यह शोध में शामिल प्रतिभागियों की कुल संख्या का एक तिहाई है।

उन्होंने कहा कि शोध के मुताबिक, वड़ोदरा में 36 फीसदी लोग ऐसे हैं जिन्होंने कभी नशा नहीं किया लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि तकरीबन 64 प्रतिशत लोग या तो शराब का नशा कर रहे हैं या पहले कर चुके हैं। इनमें से 38 फीसदी लोग शराब के नशे में अभी भी लिप्त हैं।

शोध में आगे दावा किया गया है कि स्टडी में शामिल 12 फीसदी युवा गांजे का सेवन करते हैं। सरोहा ने बताया कि हालांकि, राज्य में गांजे का सेवन और बिक्री प्रतिबंधित है लेकिन फिर भी काफी संख्या में युवा इसका सेवन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह आंकड़े हैरान करने वाली स्थिति तक बड़े नहीं हैं लेकिन फिर भी आने वाले दिनों में गांजे का सेवन करने वाले युवाओं की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है।

दूसरी और शराबबंदी के बावजूद बीते दो सालों में राज्य पुलिस ने प्रदेश से करीब डेढ़ करोड़ बोतल अवैध शराब को सीज किया है। दो साल में जब्त शराब की कुल कीमत ढाई सौ करोड़ रुपये से भी अधिक है। गुजरात सरकार की ओर से इस संबंध में राज्य विधानसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारियां दी गई हैं।

इन सब के साथ विधायक जिग्नेश मेवाणी के सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने बताया है कि बीते दो सालों में अहमदाबाद के शहरी और ग्रामीण हिस्सों से 90612 लीटर देसी शराब और 1.21 लाख बोतल भारत में बनी विदेशी शराब पकड़ी गई है।

Loading...