मध्‍य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैहर कस्‍बे में एक आरएसएस प्रचारक की गिरफ्तारी को लेकर पिछले दिनों जमकर बवाल मचा था। इस मामले में गिरफ्तारी करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्‍या की कोशिश समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद सभी को भूमिगत भी होना पड़ा था।

इस मामले में एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर, चार अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हुई जिन्‍हें दोषी बताया जा रहा है। हालांकि एसआईटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। शिवराज सरकार ने अब तीन पुलिस अधिकारियों का डिमोशन कर दिया और एक एडिशनल एसपी रैंक के अधिकारी का इंक्रीमेंट रोक दिया है।

इन अधिकारियों में एडिशनल एसपी राजेश शर्मा और इंस्‍पेक्‍टर जियाउल हक समेत दो अन्य पुलिसकर्मी शामिल है। बता दें कि इन लोगों ने संघ के जिला प्रचारक सुरेश यादव को बैहर स्थित संगठन के कार्यालय से 25 सितंबर, 2016 को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप था।

जिसके बाद आरएसएस ने सरकार को अल्‍टीमेटम दिया था कि वह पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करे या प्रदर्शन के लिए तैयार रहे। पुलिस अधिकारियों का तर्क था कि उन्‍हें बलप्रयोग करना पड़ा क्‍योंकि यादव ने उसे गिरफ्तार करने गई टीम के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया था।

इस मामले मे पुलिस थाने के अधिकारियों का न सिर्फ ट्रांसफर किया गया, बल्कि सरकार ने एसपी और रेंज आईजी का तबादला भी कर दिया था।

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