आम कश्मीरी होते रहे परेशान, गिलानी को मिलती रही फोन-इंटरनेट की सुविधा

6:24 pm Published by:-Hindi News

आर्टिकल-370 को वापस लेने के बाद मोदी सरकार ने घाटी में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए फोन-इंटरनेट की सुविधा बंद की हुई है। जिसके चलते आम कश्मीरी परेशान है। लेकिन दूसरी और अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी को ये सुविधा मिलती रही।

तमाम पाबंदियों के बावजूद कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी का लैंडलाइन के साथ ही ब्रॉडबैंड सुविधा 8 अगस्त की सुबह तक बहाल थी। इंडिया टुडे की खबर के अनुसार जब तक गिलानी ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट नहीं किया था तब तक प्रशासन को भी इस बात की जानकारी नहीं थी।

इस बारे में जानकारी मिलने के बाद केंद्र और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ट्विटर को गिलानी समेत 8 लोगों को ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने के लिए पत्र लिखा था। केंद्र सरकार का कहना था कि इन ट्विटर अकाउंट के जरिये घाटी में नफरत फैलाई जा रही है।

इस मामले में बीएसएनएल अधिकारी संदेह के घेरे में हैं। इस मामले में दो अधिकारियों की संलिप्तता बताई जा रही है, जिन्होंने इंटरनेट बंद के बावजूद सैय्यद अली शाह गिलानी को एक्सेस दिया है।

अधिकारियों के लूप होल्स के बारे में पता चलने के बाद से गिलानी की सर्विस बंद कर दी गई थी। साथ ही बीएसएनएल ने अपने दो अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

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